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Yadi Sarvajanik Yatayat Ke Sadhan Nahi Hote To Gaon Shahar Mahanagar Desh Par Kya Prabhav Padata | यदिसार्वजनिक यातायात के साधन नहीं होते तो गाँव, शहर, महानगर, देश पर क्या प्रभाव पड़ता

पाठ ४. देहात और शहर का स्वाध्याय के अंतर्गत आया प्रश्न 'यदि सार्वजनिक यातायात के साधन नहीं होते तो गाँव, शहर, महानगर, देश पर क्या प्रभाव पड़ता लिखो' का एक उदाहरण उत्तर यहाँ दिया गया है । दिए गए उत्तर से आप को स्वयं का उत्तर बनाने में सहायता होगी |Maharashtra Board Solutions For Class  7


Yadi Sarvajanik Yatayat Ke Sadhan Nahi Hote To Gaon Shahar Mahanagar Desh Par Kya Prabhav Padata | यदिसार्वजनिक यातायात के साधन नहीं होते तो गाँव, शहर, महानगर, देश पर क्या प्रभाव पड़ता


यदि सार्वजनिक यातायात के साधन नहीं होते तो गाँव, शहर, महानगर, देश पर क्या प्रभाव पड़ता लिखो | Yadi Sarvajanik Yatayat Ke Sadhan Nahi Hote To Gaon Shahar Mahanagar Desh Par Kya Prabhav Padata | Dehat Aur Shahar Swadhyay 


उत्तर:

सार्वजनिक यातायात के साधनों की सुलभता से देश के विकास में सहायता होती है; परंतु इसके अभाव में देश के प्रत्येक हिस्सों पर बहुत गहरा असर पड़ सकता है ।


जैसे:


गाँव में सार्वजनिक यातायात के साधन न होने से गाँव के आम गाँव वासियों का बहुत नुकसान होगा । न उनके बच्चे अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण कर पाएंगे । न अस्पताल जैसी आम सुविधा का लाभ ले पाएंगे । खेती उपयोगी साधना सामग्री को न खरीद पाएंगे, न खेती कर पाएंगे । जैसे - तैसे खेती कर भी ली तो खेती में निर्माण हो रही चीजों को बेच नहीं पाएंगे । इस का असर यह होगा कि गाँव कभी भी विकसित नहीं होगा । गाँव में निराशा, उदासीनता बढ़ जाएगी । इस कारण मृत्यु का प्रमाण भी बढ़ जाएगा ।


शहर में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति अमीर नहीं है । शहर के भी अधिकतर लोग यातायात के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों पर ही निर्भर है । सार्वजनिक यातायात के अभाव में अधिकतर शहरी लोग समय पर कोई भी काम नहीं कर पाएंगे । शहर में बनने वाली अधिकतर चीजों को देश के अन्य हिस्सों में भी नहीं भेजा जा पाएगा । इस कारण शहर का विकास नहीं होगा और शहर के लोग शहर छोड़कर जाने को मजबूर हो जाएंगे ।


महानगरों में गाँव और शहर की तुलना में कई अधिक जनता रहती है । कारण महानगरों में सभी सुख सुविधाएँ उपलब्ध होती है । अधिकतर महानगरीय जनता यातायात के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों का ही उपयोग करती है । महानगरों का विकास ही सार्वजनिक यातायात के साधनों की उपलब्धता पर हुआ है । इन्ह के अभाव में महानगरों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा । 


देश का विकास देश के सर्वांगीण विकास को कहा जाता है । देश के किसी एक हिस्से के विकास को देश का विकास नहीं कहा जाता । देश के विकास के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों का आसानी से उपलब्ध होना बहुत जरूरी है । इसके अभाव में देश प्रगति तो करेगा परंतु यह प्रगति अन्य देशों की तुलना में बहुत कम होगी ।


पढ़ने हेतु:


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