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Hindi Vyakaran Karak Aur Karak Bhed | हिंदी व्याकरण कारक और कारक भेद

  हिंदी व्याकरण - कारक और कारक भेद नमस्ते पाठकों, कारक किसे कहते हैं ? कारक चिह्न और कारक के आठ भेद , जैसे : कर्ता कारक, कर्म कारक, करण कारक, संप्रदान कारक, अपादान कारक, संबंध कारक, अधिकरण कारक और संबोधन कारक आदि के विषय में जानकारी प्राप्त करना हो, तो यह Hindi Vyakaran - Karak Aur Karak Bhed - Blog को जरूर पढ़िए । कारक | Karak | Mr. Suryawanshi  Karak Kise Kahaten Hain ? / कारक किसे कहते हैं ? कारक सीखने से पहले, यहाँ पर जो वाक्य दिए हैं इन वाक्यों में जो शब्द आएँ हैं उन शब्दों को हिंदी व्याकरण में क्या कहते है यह समझते है । पहला वाक्य है: १) बुद्ध शांति का पाठ पढ़ाते हैं ।   इस वाक्य में बुद्ध, शांति, और पाठ यह शब्द संज्ञा है । का कारक चिह्न है और पढ़ाते हैं यह शब्द क्रिया है ।  २) मुझे बेर खाना है । दूसरे वाक्य में, मुझे यह शब्द सर्वनाम है । बेर शब्द संज्ञा है और खाना है यह शब्द क्रिया है ।  आप कहेंगे कि हम तो ' कारक ' सीख रहे थे । परंतु इन दोनों वाक्यों में कारक आया ही नहीं ।  ऐसा नहीं है पाठकों इन दोनों वाक्यों में कारक है । मैं आपको कारक की परिभाषा बताता हूँ, परिभाषा

26 January | Republic Day Speech Hindi | Ganatantra Diwas Bhashan

 गणतंत्र दिवस - भाषण | Republic Day - Speech | 26 January  नमस्ते, मेरा नाम रोहिणी है । यहाँ पर उपस्थित आदरणीय गण और मेरे स्नेही सहपाठियों को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं । आज हम हमारे ७५ वें गणतंत्र दिवस को मनाने हेतु यहाँ एकत्रित हुए है । गणतंत्र दिवस मनाने से पूर्व मेरा एक सवाल है । क्या मैं आप से पूछ सकती हूँ ? जी हाँ, आप । आपका नाम क्या है ? अंजली: मेरा नाम अंजली है । रोहिणी: अंजली, क्या आप भी यहाँ गणतंत्र दिवस मनाने आई हो ? अंजली: हाँ ! रोहिणी: क्या आपको गणतंत्र दिवस का अर्थ पता है ? अंजली: मुझे गणतंत्र दिवस को इंग्लिश में क्या कहते है, यह पता है । रोहिणी: ठीक है, बताइए । अंजली: गणतंत्र दिवस को English में Republic Day कहते है । रोहिणी: बहुत खूब अंजली । क्या आप मुझे बता सकते हो, यह कौन है ? अंजली: इनका नाम अमिताब बच्चन जी है । रोहिणी: और क्या जानती हो इनके बारे में ? अंजली: यह, कौन बनेगा करोड़ पति में आते है । रोहिणी: और । अंजली: अमिताब बच्चन जी actor है, इनके बेटे का नाम अभिषेक बच्चन है, वह भी actor है । इनकी बहू भी actress है, उनका नाम ऐश्वर्या राय है । इनकी पोती का

Gajal Poem Class 10 Explanation In Hindi | गजल कविता स्पष्टीकरण | कक्षा १० वीं

 गजल नमस्ते विद्यार्थियों, आज हम गजल के अंतर्गत आए हुए शेरों का स्पष्टीकरण देखेंगे । यह गजल कविता कक्षा १० वीं Gajal Poem Class 10Th की हिंदी लोकभारती पाठ्यपुस्तक की है ।  ८. गजल - मानिक वर्मा  Gajal Poem Explanation | MrSuryawanshi.com Gajal Poem Class 10 Explanation In Hindi | गजल कविता स्पष्टीकरण | कक्षा १० वीं  आपसे किसने कहा स्‍वर्णिम शिखर बनकर दिखो,  शौक दिखने का है तो फिर नींव के अंदर दिखाे । शब्दार्थ:  १) स्वर्णिम = सोने के रंग का, सुनहरा सोनेरी, Golden. २) शिखर = चोटी, सिरा, किसी चीज का सबसे ऊपरी भाग, Peak. ( स्वर्णिम शिखर = सबसे सुंदर ) ३) शौक = लालसा, ख्वाइश । ४) नींव = आधार, मकान / दीवार का निचला हिस्सा, Foundation.  स्पष्टीकरण: शिखर का अर्थ होता है चोटी या किसी चीज का ऊपरी भाग । नींव, वह चीज है जो हमें नजर नहीं आती । परंतु यह चोटी या यह ऊपरी भाग उसकी नींव की वजह से ही है । यह नींव न होगी तो यह स्वर्णिम शिखर अर्थात यह सबसे सुंदर दिखने वाला हिस्सा भी नहीं होगा । कवि का कहना है कि ऊपर से ( बाहर से ) दिखने की बजाय अंदर से दिखो । अंदर से दिखो अर्थात अपने आपको भीतर से सुंदर

Republic Day Speech In Hindi | गणतंत्र दिवस पर भाषण

  गणतंत्र दिवस पर भाषण भाषण क्रमांक - १     यहाँ पर उपस्थित आदरणीय गुरुजनों को और मेरे सहपाठियों को ' गणतंत्र दिवस ' की ढेर सारी शुभकामनाएं । आज २६ जनवरी है, इस दिन की विशेषता और इस दिन पर मेरे विचार व्यक्त करने हेतु मैं _ _ _ _ यहाँ उपस्थित हूँ । Republic Day Speech In Hindi     २६ जनवरी यह दिन संपूर्ण विश्व के लिए एक आम दिन होगा परंतु हम भारतवासियों के लिए आज का यह दिन एक खास दिन है । क्यों ? क्योंकि आज ही के दिन अर्थात् २६ जनवरी, १९५० को हमने संविधान का स्वीकार किया था; इसलिए २६ जनवरी यह दिन हम भारतवासियों के लिए एक खास दिन है । जिसे हम ' गणतंत्र दिवस ' के रूप में मनाते हैं ।      ' संविधान ' अर्थात् वह किताब जिसमें एक देश को चलाने के लिए विविध नियम लिखित रूप में होते है । इस संविधान रूपी किताब को बनाने के लिए ' डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर जी ' को २ वर्ष, ११ महीने और १८ दिनों का समय लगा था । एक भारतीय होने के नाते हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है ।     मेरे प्यारे सहपाठियों, इस बात को याद रखो

Ayurvedic Aushadhiyon Ki Maang | Patra Lekhan | 10Th Class

  आयुर्वेदिक औषधियों की माँग - पत्र लेखन । Ayurvedic Aushadhiyon Ki Maang - Patra Lekhan विजय / विजया मोहिते, वरदा सोसायटी, विजयनगर, कोल्हापुर से व्यवस्थापक, औषधि भंडार, नागपुर को पत्र लिखकर आयुर्वेदिक औषधियों की माँग करता / करती है । 🙋 हमारे YouTube Channel से जुड़ने के लिए यहाँ Click कीजिए 👉  YouTube  🎥 MrSuryawanshi.com 03 अक्टूबर, 2023 सेवा में, माननीय व्यवस्थापक  औषधि भंडार, नागपुर। aushadhibhandar@gmail.com विषय : आयुर्वेदिक औषधियों की माँग । मा. महोदय, मैं विजय मोहिते, कोल्हापुर से यह पत्र लिख रहा हूँ । महोदय जी पत्र लिखने का कारण यह है कि मुझे कुछा औषधियों की आवश्यकता हैं । मुझे यह ज्ञात हुआ है कि आपके औषधि भंडार से मिलनेवाली औषधियाँ उच्च गुणवत्ता वाली है । मैं जानता हूँ कि नागपुर से कोल्हापुर की दूरी अधिक है, परंतु मेरे लिए यह औषधियाँ बहुत जरूरी है । यह पत्र प्राप्त होते ही निम्नवत औषधियाँ भेजने की कृपा कीजिए: १) कायम चूर्ण - ०५ शीशियाँ - ५० ग्राम २) जिफला चूर्ण -  ०३ शीशियाँ - ५० ग्राम  ३) द्राक्षासव चूर्ण - ०५ शीशियाँ ५० ग्राम ४) शीतोपलादिचूर्ण - ०२ शीशियाँ ५० ग्राम  मैं

Vardan Mangunga Nahi Poem Explanation | 9Th Class

 ९. वरदान माँगूँगा नहीं वरदान माँगूँगा नहीं कविता स्पष्टीकरण | कक्षा ९ वीं | Vardan Mangunga Nahi Poem Explanation | 9Th Class नमस्ते पाठकों, इस ब्लॉग में कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ जी द्वारा लिखित कक्षा ९ वीं के अंतर्गत आई कविता ' वरदान माँगूँगा नहीं ' का स्पष्टीकरण करने का प्रयास किया गया है । स्पष्टीकरण की शुरुवात कुछ प्रश्न से: १) वरदान का अर्थ क्या है ? २) वरदान देता कौन है ? वरदान का अर्थ है, मन चाही चीज और वरदान ईश्वर द्वारा प्रसन्न होकर दिया जाता है । इस कविता में आपको वरदान ईश्वर से माँगने की बात हो रही है ऐसे समझाना है ऐसे समझो या समाज में मौजूद सक्षम लोगो से माँगाने की बात हो रही है ऐसे समझना है ऐसे समझो । वरदान का एक अर्थ हम मदद भी समझ सकते है । कवि का कहना है कि हमें वरदान नहीं माँगना चाहिए । अर्थात हमें मदद नहीं माँगना चाहिए । Vardan Mangunga Nahi Poem Explanation | 9Th Class  यह हार एक विराम है जीवन महा-संग्राम है तिल-तिल मिटूंगा पर दया की भीख मैं लूँगा नहीं । वरदान मॉंगूँगा नहीं ।। शब्दार्थ: १) हार = पराजय २) विराम = रुकावट / विश्राम ३) महा = बड़ा ४) संग्राम =