सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Suraksha Hetu Shastron Ki Bharmar Ke Paksh - Vipaksh Me Vichar | सुरक्षा हेतु शस्त्रों की भरमार विषय के पक्ष - विपक्ष में विचार

पाठ ३. नाखून क्यों बढ़ते हैं ? इस पाठ पर पूछे गए प्रश्नों में से सुरक्षा हेतु शस्त्रों की भरमार विषय के पक्ष - विपक्ष में अपने विचार लिखो इस प्रश्न का उत्तर इस ब्लॉग में बताने का प्रयास किया गया है । दिए गए उत्तर को पढ़ कर आप स्वयं का उत्तर बनाने का प्रयास कर सकते हैं | Maharashtra Board Solutions For Class 8


Suraksha Hetu Shastron Ki Bharmar Ke Paksh - Vipaksh Me Vichar | सुरक्षा हेतु शस्त्रों की भरमार विषय के पक्ष - विपक्ष में विचार



सुरक्षा हेतु शस्त्रों की भरमार विषय के पक्ष - विपक्ष में अपने विचार लिखो | Suraksha Hetu Shastron Ki Bharmar Ke Paksh - Vipaksh Me Vichar | Nakhun Kyon Badhate Hai Swadhyay 


उत्तर: सुरक्षा हेतु शस्त्रों को खरीदा जाना उचित है परंतु उन्ह शस्त्रों की भरमार हो जाना अनुचित है ।

शस्त्रों की भरमार तब होती है, जब आधुनिक शस्त्र बाज़ार में आते हैं और उन्हे खरीदा जाता है । शस्त्रों की भरमार तब भी हो जाती है, जब देश चालक असमर्थ या स्वार्थी हो ।

शस्त्रों की जितनी भरमार होगी उतना देश का पैसा खर्च भी होगा; इसलिए प्रत्येक देश और उन्ह देशों के देशवासी युद्ध की अपेक्षा बुद्ध की राह पर चले तो न कोई भी अपने आप को असुरक्षित महसूस करेगा न शस्त्रों की जरूरत महसूस होगी और न युद्ध होगा ।


• सद्गुणों और दुर्गुणों में अंतर लिखो ।

सद्गुण:

१) सद्गुण अर्थात् अच्छे गुण ।

२) सभी से प्रेमपूर्ण व्यवहार करना, क्षमा करना, गलती हो जाने पर क्षमा माँगना, सत्य बोलना आदि सद्गुणों के लक्षण हैं ।

३) सद्गुणी व्यक्ति को समाज से मान - सम्मान मिलता है; उनका आदर - सत्कार होता है ।

दुर्गुण:


१) दुर्गुण अर्थात् बुरे गुण ।

२) अपने भले के लिए दूसरों का उपयोग करना, नफ़रत पालना, चाह कर किसी को चोट पहुँचाना, असत्य बोलना आदि दुर्गुणों के लक्षण है।

३) दुर्गुणी व्यक्ति समाज से दुत्कारा जाता है ।


• अर्थ के अनुसार वाक्यों के प्रकार ढूँढ़कर लिखो ।

१) प्रश्नार्थक वाक्य:

क्या आपने फिल्म देखी ?
तुम विद्यालय कब जाओगे ?
आपका नाम क्या है ?

२) विस्मयार्थक:

शाबाश! आपने अच्छा कार्य किया ।
वाह! कितना सुंदर है ताजमहल ।
हे ईश्वर! इतना बड़ा संकट ।

३) संभावनार्थक वाक्यः

यह पत्र इसने लिखा होगा ।
पत्र पढ़कर उसे आश्चर्य होगा ।
गुरु जी ने समझाया होगा ।

४) आज्ञार्थक वाक्यः

पंखा बंद करो ।
बेटा रोज सुबह व्यायाम करो ।
किशोर अपना गृहकार्य दिखाओ |

५) इच्छार्थक वाक्यः

भगवान आपका भला करें ।
सदा सुखी रहो ।
जुग - जुग जियो ।

६) संकेतार्थक वाक्य:


यदि तुम पढ़ाई करते, तो पास हो जाते ।
अगर मेरे पास बहुत से पैसे होते, तो कितना अच्छा होता ।
अच्छी फसल हुई, तो अनाज सस्ता होगा |

७) निषेधार्थक वाक्यः

सीता ने गीत नहीं गाया ।
वहाँ मत जाओ ।
ऐसा न करो ।

८) विधानार्थक वाक्यः

सीता ने गीत गाया ।
हम पढ़ाई करते हैं ।
राजा का सम्मान सब करते हैं ।

पढ़ने हेतु:

दिए गए उत्तर से आप को सहायता प्राप्त हो या कोई सुझाव हो; तो हमें Comment कर के जरूर बताएँ   । Maharashtra Board Textbook Solutions के लिए MrSuryawanshi.Com को जरूर Follow कीजिए ।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Apne Vidyalaya Me Aayojit Vigyan Pradarshani Ke Udghatan Samaroh Ka Vritant Lekhan Karo | अपने विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी के उदघाटन समारोह का वृत्तांत लेखन

पाठ ५. मधुबन का स्वाध्याय के अंतर्गत आया प्रश्न ' अपने विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी के उदघाटन समारोह का प्रमुख मुद्दों सहित वृत्तांत लेखन करो ' का एक उदाहरण उत्तर यहाँ दिया गया है | दिए गए उत्तर को पढ़ कर आप स्वयं उत्तर बनाने का प्रयास कर सकते हैं | Maharashtra Board Solutions For Class 8 अपने विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी के उदघाटन समारोह का प्रमुख मुद्दों सहित वृत्तांत लेखन करो । Apne Vidyalaya Me Aayojit Vigyan Pradarshani Ke Udghatan Samaroh Ka Vritant Lekhan Karo | Madhuban Swadhyay  उत्तर : विज्ञान प्रदर्शनी का उदघाटन समारोह । २८ फरवरी, २०२१ विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में मुंबई के 'महात्मा ज्योतिबा फुले विद्यालय' द्वारा तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के उदघाटन हेतु 'वैज्ञानिक अशोक जी' को आमंत्रित किया गया था। प्रदर्शनी का प्रथम दिन नगर के मान्यवरों, विद्यालय के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए था । शेष दो दिन अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए रखा गया था । विद्यालय के विविध

Apne Mitra Saheli Ko Deepavali Ki Chhuttiyon Me Apne Ghar Nimantrit Karane Vala Patra Likho | अपने मित्र / सहेली को दीपावली की छुट्टियों में अपने घर निमंत्रित करने वाला पत्र लिखो

नमस्ते पाठकों,  यह Blog पत्र लेखन ( Patra Lekhan ) में आप का सहायक होगा । इस ब्लॉग का विषय निम्नवत है : अपने मित्र / सहेली को दीपावली की छुट्टियों में अपने घर निमंत्रित करने वाला पत्र लिखो | Apne Mitra Saheli Ko Deepavali Ki Chhuttiyon Me Apne Ghar Nimantrit Karane Vala Patra Likho | यह विषय कक्षा ८ वीं की हिंदी पाठ्यपुस्तक से लिया गया है | Maharashtra Board Solutions For Class  8   अपने मित्र / सहेली को दीपावली की छुट्टियों में अपने घर निमंत्रित करने वाला पत्र लिखो |Apne Mitra Saheli Ko Deepavali Ki Chhuttiyon Me Apne Ghar Nimantrit Karane Vala Patra Likho | Varis Kon Swadhyay  १ अक्टूबर, २०२२ प्रिय मित्र आदर्श,  नमस्कार ! aadarsh@gmail.com तुम्हारा पत्र मिला । पत्र पढ़कर बहुत खुशी हुई । मेरे भी विद्यालय को १५ नवंबर तक छुट्टी रहेगी । पिछली बार तुमने दीपावली की छुट्टियों में मुझे अपने यहाँ बुलाया था । इस बार मैं तुम्हें मेरे घर आने के लिए निमंत्रित कर रहा हूँ । हम यहाँ खेलेंगे, घूमेंगे और खूब मजा करेंगे । मेरे माता-पिता तुम्हें देखकर बहुत खुश होंगे ।  कब आ रहे हो ? जल्द सूचित करन

Apne Vidyalaya Me Aayojit Swachchhata Abhiyan Ka Vritant Likho | अपने विद्यालय में आयोजित स्वच्छता अभियान का वृत्तांत लिखो |

पाठ ७. स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है का स्वाध्याय अपने विद्यालय में आयोजित स्वच्छता अभियान का वृत्तांत लिखो | वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख आवश्यक है | इस प्रश्न के लिए एक उदाहरण उत्तर यहाँ दिया गया है | इस वृत्तांत को पढ़कर आप स्वयं स्वच्छता अभियान का वृत्तांत ( Swachhata Abhiyan Ka Vritant ) लिख सकते हैं | Maharashtra Board Solutions For Class 8 अपने विद्यालय में आयोजित स्वच्छता अभियान का वृत्तांत लिखो |Apne Vidyalaya Me Aayojit Swachchhata Abhiyan Ka Vritant Likho | Swarajya Mera Janmasiddha Adhikar Hai Swadhyay  उत्तर:     स्वच्छता अभियान भारत में स्वच्छता अभियान की शुरुआत करनेवाले 'संत गाडगे बाबा जी' का जन्मदिन 'सेंट थॉमस स्कूल' इस विद्यालय में 'स्वच्छता अभियान' के रूप में मनाया गया । फरवरी २३, सुबह की प्रार्थना के बाद सभी विद्यार्थी स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग देने हेतु उत्सुक थे । किसी भी विद्यार्थी को कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थीं; उन्हें सिर्फ इतना ही बताया गया था कि विद्यालय को स्वछ करना है । विद्यार्थियों को स्वच्छता करने में